माँ बगलामुखी मंदिर · नलखेड़ा

ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै नमः

बगलामुखी अनुष्ठान

अनुष्ठान में निर्धारित क्रम से मंत्र जाप और साधना की जाती है। आपके नाम, गोत्र और उद्देश्य के अनुसार संकल्प तथा आवश्यक तैयारियों पर गुरुजी से चर्चा की जाती है।

मुखपृष्ठ पर लौटें
NALKHEDA · MADHYA PRADESH

बगलामुखी अनुष्ठान

संकल्प से पूर्णाहुति तक।

अनुष्ठान में निर्धारित क्रम से मंत्र जाप और साधना की जाती है। आपके नाम, गोत्र और उद्देश्य के अनुसार संकल्प तथा आवश्यक तैयारियों पर गुरुजी से चर्चा की जाती है।

अवधि, जाप की योजना और समापन हवन की व्यवस्था पहले से समझें। उपलब्ध विकल्प और दक्षिणा की जानकारी सीधे गुरुजी से लें।

जानकारी लें
हवन कुंड और अनुष्ठान की सामग्री

श्रद्धा • एकाग्रता • मार्गदर्शन

माँ बगलामुखी मंत्र जाप: श्रद्धा से आरंभ करें।

ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

माँ बगलामुखी की आराधना में मंत्र जाप अपने संकल्प के साथ मन को एकाग्र करने का अवसर है। केवल जाप की संख्या पर ध्यान देने के बजाय मंत्र का स्पष्ट उच्चारण, शांत मन और नियमितता को महत्व दें। पहली बार आरंभ कर रहे हों तो अंकित गुरुजी से अपनी तैयारी और उपयुक्त विधि समझें।

01

उच्चारण समझें

मंत्र के शब्द और उच्चारण गुरुजी से समझकर जाप आरंभ करें। जल्दबाज़ी के बजाय स्पष्टता और एकाग्रता रखें।

02

अपनी तैयारी जानें

आसन, माला, समय और दैनिक क्रम से जुड़े प्रश्न पहले पूछें, ताकि आपकी आराधना की तैयारी स्पष्ट हो।

03

अनुष्ठान की योजना बनाएँ

विशेष जाप संख्या, अवधि और समापन हवन की व्यवस्था व्यक्तिगत मार्गदर्शन में तय करें।

सरल प्रक्रिया

आपकी आराधना, गुरुजी के मार्गदर्शन में।

01

गुरुजी से संपर्क

अपनी जानकारी भेजें और अपनी बात साझा करें।

02

संकल्प और तैयारी

समय, सामग्री और सहभागिता की व्यवस्था समझें।

03

मंत्र जाप एवं हवन

तय विधि के अनुसार आराधना में भाग लें।

04

पूर्णाहुति

समापन विधि और आगे के निर्देश समझें।

माँ बगलामुखी

JAI MAA BAGALAMUKHI

हर दिन माँ के दर्शन,
हर दिन भक्ति से जुड़ाव।

माँ बगलामुखी के दैनिक दर्शन, हवन की झलकियाँ और विशेष अनुष्ठानों की जानकारी पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp चैनल से जुड़ें

आपका पहला कदम

हवन एवं अनुष्ठान हेतु जानकारी भेजें।

अपनी जानकारी साझा करें। हवन की तैयारी, अनुष्ठान की विधि और उपयुक्त समय के बारे में गुरुजी से मार्गदर्शन लें।

अंकित गुरुजी

माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा, मध्य प्रदेश

+91 70671 44740baglamukhipujanhawan@gmail.com
जानकारी ईमेल सेवा FormSubmit को भेजी जाएगी। WhatsApp में संदेश भेजने के लिए Send दबाएँ।

आपके प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माँ बगलामुखी हवन किस संकल्प के लिए कराया जाता है?

श्रद्धालु संरक्षण, आत्मबल, पारिवारिक शांति और शुभ कार्यों की मंगलकामना से हवन कराते हैं। अपनी परिस्थिति और प्रार्थना गुरुजी से साझा करें।

मेरे लिए हवन या अनुष्ठान में से क्या उपयुक्त रहेगा?

हवन में मंत्रों के साथ अग्नि में आहुति दी जाती है। अनुष्ठान में क्रमबद्ध जाप और साधना होती है। चुनाव अपने संकल्प और उपलब्ध समय के अनुसार करें।

हवन या अनुष्ठान की दक्षिणा कितनी होगी?

दक्षिणा विधि, जाप की योजना, अवधि और सामग्री की व्यवस्था पर निर्भर करती है। बुकिंग से पहले गुरुजी से कुल विवरण और शामिल सामग्री स्पष्ट कर लें।

बुकिंग कैसे करें और कौन-सी जानकारी देनी होगी?

अंकित गुरुजी को +91 7067144740 पर कॉल या WhatsApp करें। अपना नाम, गोत्र यदि ज्ञात हो, संकल्प और पसंदीदा तारीख साझा करके उपलब्धता की पुष्टि लें।

हवन में कितना समय लगता है?

समय चुनी गई विधि और जाप के क्रम के अनुसार बदलता है। यात्रा की योजना से पहले आरंभ, समापन और अनुष्ठान की कुल अवधि पूछ लें।

नलखेड़ा नहीं आ सकूँ तो क्या घर से शामिल हो सकता हूँ?

दूर से संकल्प या वीडियो कॉल की उपलब्ध व्यवस्था गुरुजी से पहले पूछें। तारीख तय करने से पहले सहभागिता और फोटो या वीडियो मिलने की जानकारी लें।

हवन के लिए क्या सामग्री और कपड़े लाने चाहिए?

सामग्री में क्या उपलब्ध होगा और क्या साथ लाना है, पहले स्पष्ट करें। साफ, आरामदायक वस्त्र पहनें; विशेष रंग, आहार या अन्य नियम गुरुजी से पूछें।

36 हजार और सवा लाख मंत्र जाप में क्या अंतर है?

ये क्रमशः 36,000 और 1,25,000 मंत्र आवृत्तियों के संकल्प हैं। इनके समय और व्यवस्था में अंतर हो सकता है; उपयुक्त योजना गुरुजी से समझें।

क्या परिवार के साथ हवन में बैठ सकते हैं?

परिवार के सदस्यों की संख्या और नाम पहले साझा करें। बैठने, संकल्प में सहभागिता और बच्चों या बुज़ुर्गों की आवश्यकताओं के बारे में व्यवस्था पूछ लें।

माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा कैसे पहुँचें?

मंदिर नलखेड़ा, मध्य प्रदेश में है। रास्ते के लिए footer में मंदिर के पते पर क्लिक करके Google Maps खोलें और आने से पहले गुरुजी से समय की पुष्टि करें।